
आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने की 31 जुलाई की तारीख करोड़ों करदाताओं के लिए नजदीक आ रही है। हालांकि, आयकर विभाग ने अभी तक आधिकारिक तौर पर कोई बढ़ोतरी की घोषणा नहीं की है, लेकिन कुछ करदाता इस तारीख के बाद भी अपना रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। आइए विवरण समझते हैं।
31 जुलाई के बाद कौन ITR दाखिल कर सकता है?
- ऑडिट वाले व्यवसाय: जिन कंपनियों और व्यक्तियों के खातों का चार्टर्ड अकाउंटेंट द्वारा ऑडिट होना आवश्यक है, उन्हें 31 अक्टूबर तक रिटर्न दाखिल करने का समय मिलता है। इससे ऑडिट पूरा करने के बाद ITR दाखिल करने के लिए पर्याप्त समय मिल जाता है।
- अंतरराष्ट्रीय लेनदेन: अंतरराष्ट्रीय लेनदेन में शामिल व्यवसायों को अक्सर व्यापक दस्तावेज और विश्लेषण की आवश्यकता होती है। ऐसे में इन संस्थाओं के लिए ITR दाखिल करने की तारीख बढ़ाकर 30 नवंबर कर दी गई है।
- निर्दिष्ट घरेलू लेनदेन: कुछ घरेलू लेनदेन के लिए विस्तृत रिपोर्टिंग की जरूरत होती है। इन लेनदेनों में शामिल करदाताओं को भी समय सीमा में छूट मिल सकती है।
31 जुलाई की समय सीमा चूकने के परिणाम
31 जुलाई की शुरुआती समय सीमा चूकने पर आमतौर पर जुर्माना लगता है। यह राशि आय स्तर के आधार पर अलग-अलग होती है।
हालांकि, एक राहत की बात है कि आप 31 दिसंबर तक देरी से रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। लेकिन याद रखें, इसके लिए जुर्माना देना होगा।
महत्वपूर्ण बातें
- तकनीकी गड़बड़ी: आयकर विभाग ने ई-फाइलिंग पोर्टल पर तकनीकी समस्याओं को स्वीकार किया है। करदाताओं को आखिरी समय की भीड़ से बचने के लिए पहले ही अपना रिटर्न दाखिल करने की सलाह दी जाती है।
- देरी से दाखिल करने का जुर्माना: देरी से दाखिल करने पर लगने वाले जुर्माने के बारे में जानें।
- पेशेवर सलाह लें: अगर आपको अपनी फाइलिंग स्थिति या समय सीमा के बारे में संदेह है तो कर विशेषज्ञ से सलाह लें।
नोट: यहां दी गई जानकारी वर्तमान समझ के आधार पर है और इसमें बदलाव हो सकता है। सबसे सटीक और अपडेटेड जानकारी के लिए हमेशा आयकर विभाग की आधिकारिक सूचनाओं को देखें।
